Atal bihari vajpayee jivani in hindi |

Atal bihari vajpayee jivani in hindi दोस्तों आज के इस आर्टिकल में हम पढेगें Atal bihari vajpayee jivani in hindi के बारे में तो आईए जानते हैं अटल बिहारी वाजपेयी से जुड़ी महत्वपूर्ण बातें..

 

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Atal bihari vajpayee jivani in hindi

Atal bihari vajpayee birth place in hindi-अटल बिहारी बाजपेयी एक मध्यम परिवार में जन्म लिया था, उनका जन्म 25 Dec 1924 को मध्यप्रदेश के ग्वालियर में हुआ था लेकिन उन्होंने अपना बचपन बटेश्वर गाँव में बिताया था, उनके पिता का नाम कृष्णा बिहारी वाजपेयी था जो कि एक अध्यापक और माता का नाम कृष्णा देवी था, अटल बिहारी बाजपेयी के तीन भाई थें जिनका नाम अवध बिहारी, सदा बिहारी और प्रेम बिहारी वाजपेयी था, और उनकी तीन बहनें भी थी, और ग्वालियर में उनके भतीजा-भतीजी और भांजा भांजी भी रहते हैं |

Atal bihari vajpayee jivani in hindi

history of Atal bihari vajpayee in hindi-अटल बिहारी बाजपेयी अपनी पूरी जिंदगी में अविवाहित थे,atal bihari vajpayee daughter-लेकिन अटल जी की एक बेटी भी थी साल 1998 में अटल जी ने अपनी करीबी दोस्त राजकुमारी कौल की बेटी और उनकी दत्तक पुत्री नम्रता थी जो कि गोद लि हुईं थी, नम्रता की माता यानि राजकुमारी कौल और अटल जी दोनों बचपन से ही अच्छे दोस्त थे जिन्होंने ग्वालियर के लक्ष्मीबाई कॉलेज में शिक्षा प्राप्त की थी, अटल जी उनकी दत्तक पुत्री नम्रता और उनके पति रंजन भट्टाचार्य का भी साथ में रहते थे |

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Atal bihari vajpayee hindi-अटल बिहारी वाजपेयी बचपन से लेकर जवानी तक का सफर ग्वालियर शहर की गलियों में तय हुआ था, बचपन से ही अटल जी को पढ़ने लिखने का बहुत शौकीन था वो बचपन से ही कवि सम्मेलन में जाकर कविताएँ सुनना और राजनीति राजनेताओं के भाषण सुनने की बहुत दिलचस्पी थी, अटल जी ग्वालियर के महारानी लक्ष्मीबाई कॉलेज में उन्होंने अपनी शिक्षा और बीएड पूरी करने के बाद उन्होंने राजनीतिक वाद विवाद जैसी प्रतियोगिताओं में भाग लेना शुरू किया था अटल जी कॉलेज से ही भाषण देने में हीरो कहें जातें थें |

Atal bihari vajpayee jivani in hindi

Atal bihari  अटल बिहारी बाजपेयी ने संयुक्त राष्ट्रसंघ में अपना पहला भाषण वर्ष 1977 में देकर सभी लोगों का दिल जीत लिया था. तभी अटल जी जनता सरकार में विदेश मंत्री के पद पर काम कर रहे थे संयुक्त राष्ट्र में अटल बिहारी वाजपेयी का हिंदी में दिया भाषण जब यूएन जैसे बड़े अतंराष्ट्रीय मंच पर किसी भारतीय नेता ने हिंदी में अपनी बात कही तो  उस वक्त भाषण काफी चर्चित रहा था |

Atal bihari biography-अटल जी ने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत तब की थी जब साल 1942 को भारत छोडो़ आंदोलन का यह नारा हमारे देश में चला था, यह नारा इसलिए चलाया गया था कि हमारे देश में आए अंग्रेजों को भगाने के लिए यह नारा लगाया था, तभी आंदोलन के दौरान अटल जी को 23 दिनों के लिए जेल जाना पड़ा था, सन् 1951 में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सहयोग से भारतीय जनसंघ पार्टी का गठन हुआ था। उस दौरान अटल बिहारी वाजपेयी की भूमिका श्‍यामाप्रसाद मुखर्जी जैसे नेताओं के साथ रही थीी |

Atal bihari vajpayee bjp government-अटल जी सन् 1951 में भारतीय राजनीतिक पार्टी में शामिल हुए थे और सन् 1955 उन्होंने अपना पहला लोकसभा चुनाव लड़ा था, जिसमें उन्हें हार का सामना करना पड़ा था, फिर उन्होंने सन् 1957 चुनाव जीतकर  ससंद में प्रवेश किया था |

सन् 1968 में दीनदयाल उपाध्या की मौत हो गई थी, जिसके दौरान अटल जी को सन् 1968 से 1973 तक भारतीय जनसंघ पार्टी के अध्यक्ष भी रहे थे

सन् 1977 में भारतीय जन संघ पार्टी ने भारतीय लोकदल के साथ गठबंधन कर लिया, जिसे जनता पार्टी नाम दिया गया. जनता पार्टी ने बहुत जल्दी ग्रोथ की और लोकल चुनाव में उसे सफलता भी मिली, इसके बाद जनता पार्टी के लीडर मोरारजी देसाई जब प्रधानमंत्री बने और सत्ता में आये तब अटल जी को एक्सटर्नल अफेयर मिनिस्टर बनाया गया. इसी के बाद वे चाइना व पाकिस्तान दौरे में गए, जहाँ उन्होंने इस देशों से भारत के संबंध सुधारने का प्रस्ताव रखा था|

अटल बिहारी वाजपेयी राजनीतिक सफर |atal bihari vajpayee government period

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मोरारजी देसाई की सरकार में अटल जी ने सन् 1977 से लेकर 1979 तक वे विदेशी मंत्री बनें रहें थे, जो कि उस समय विदेशों में अटल जी ने खुब अपने देश की पहचान बनाई थी, सन् 1979 में जब मोरारजी देसाई ने प्रधानमंत्री के पद से इस्तीफा  दिया, तभी से जनता पार्टी भी बिखरने लगी थी |

लेकिन सन् 1980 में अटल जी मोरारजी देसाई की सरकार से नाखून होकर उन्होंने एक अलग पार्टी की स्थापना की थी,जिसमें लाल कृष्ण आडवानी व भैरव सिंह शेखावत के साथ मिल कर पार्टी बनाईं, जिसका नाम रखा भारतीय जनता पार्टी यानि भाजपा पार्टी की स्थापना हुई थी,भाजपा पार्टी के पहले राष्ट्रीय अध्यक्ष 6 अप्रैल 1980 को अटल जी भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष बने थे। और अगले पांच सालों तक अटल जी ही पार्टी के अध्यक्ष रहे थें |

सन् 1984 के चुनाव में भारतीय जनता पार्टी सिर्फ 2 सीट से हारी थी, जिसके बाद अटल जी ने भाजपा पार्टी को मजबूत बनाने के लिए खुब मेहनत की, और सन् 1989 में  पार्लियामेंट के अगले चुनाव में बीजेपी 88 सीटों की जीत के साथ आगे बढी थी |

सन् 1991 में विपक्ष की मांग के कारण एक बार फिर पार्लियामेंट में चुनाव हुआ, जिसमें फिर से भाजपा पार्टी 120 सीटों के साथ जीत रही थी |

सन् 1993 में अटल जी के सांसद में विपक्ष के लीडर बन बैठे.  और सन् 1995 में मुंबई में हुई भाजपा कांफ्रेंस में अटल जी को भारतीय जनता पार्टी का प्रधानमंत्री घोषित कर दिया था |

सन् 1996 में हूए लोकसभा चुनावों में भाजपा पार्टी सबसे बड़ी राजनैतिक पार्टी थी, जिसमें भारतीय जनता पार्टी को जीत मिलीं थी, और अटल जी को देश का प्रधानमंत्री बनाया गया था, लेकिन अन्य पार्टीयों का स्पोर्ट न होने के कारण भारत सरकार मात्र 13 दिनों में ही गिर गई थी, और ऐसे ही सन् 1996-98 बीच भाजपा सरकार लगातार दो बार स्पोर्ट न होने के कारण गिर गई थी

Atal bihari vajpayee pm kitni bar bane -अटल बिहारी वाजपेयी जवाहरलाल नेहरू के बाद लगातार 3 बार प्रधानमंत्री बनने वाले एकमात्र ऐसे नेता थे, अटल बिहारी देश के 10वें प्रधानमंत्री थे, तीन बार देश के प्रधानमंत्री बनें थें, जिसमें पहली बार 16 मई 1996 से 1 जून तक, दूसरी बार साल  मार्च 1998 से  अप्रैल 1999 तक और तीसरी बार 13 अक्टूबर 1999 से  मई 2004 तक उनके प्रधानमंत्री बनने का सफर रहा था,और सन् 2004 में में चुनावों का बीगुल फिर से बजा जिसमें कांग्रेस की जीत हुई जिसमें मनमोहन सिंह देश के प्रधानमंत्री बनें और उधर भारतीय जनता पार्टी के नेता अटल जी ने प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया थाा |

•जीवन के कुछ प्रमुख तथ्य व कार्य

• अटल बिहारी वाजपेयी जी जीवन भर अविवाहित रहे।

अटल जी एक ओजस्वी और पटु वक्ता ओरेटर और सिद्ध हिन्दी कवि भी हैं।

•परमाणु शक्ति  से सभी देशों की संम्पूर्ण नाराजगी से विचलित हुए बिना उन्होंने अग्नि-दो और परमाणु परीक्षण कर देश की सुरक्षा के लिये साहसी कदम भी उठाये।

•सन् 1998 में राजस्थान के पोखरण में भारत का द्वितीय परमाणु परीक्षण किया जिसे अमेरिका की C I A को खबर तक नहीं लगने दी।

अटल जी सबसे लम्बे समय तक सांसद रहे थे और जवाहरलाल नेहरू व इंदिरा गांधी के बाद सबसे लम्बे समय तक प्रधानमंत्री भी,रहें थे। वह पहले प्रधानमंत्री थे जिन्होंने गठबन्धन सरकार को न केवल स्थायित्व दिया ब्लकि सफलता पूर्वक संचालित भी किया।

अटल जी ही पहले विदेश मंत्री थे जिन्होंने संयुक्त राष्ट्र संघ में हिन्दी में भाषण देकर भारत को गौरवान्वित किया था।

•अटल बिहारी जी अकेले ऐसे सांसद थे जो उत्तर प्रदेश , मध्य प्रदेश , दिल्ली एवं गुजरात चार अलग अलग राज्यों से सांसद रहे हुए थे ।

•अटल जी की प्रमुख रचनायें-

अटल बिहारी वाजपेयी एक अच्छा राजनेता होने के साथ साथ वो एक अच्छे कवि भी थे जिसमें उन्होंने कुछ प्रमुख प्रकाशित रचनाएँ इस प्रकार हैं :-

•अमर बलिदान (लोक सभा में अटल जी के वक्तव्यों का संग्रह)
कैदी कविराय की कुण्डलियाँ
•रग-रग हिन्दू मेरा परिचय
•मृत्यु या हत्या
संसद में तीन दशक
अमर आग है
कुछ लेख  कुछ भाषण
सेक्युलर वाद
राजनीति की रपटीली राहें
बिन्दु बिन्दु विचार, इत्यादि।
मेरी इक्यावन कविताएँ

•अटल बिहारी वाजपेयी अवोर्ड

•साल 1992 में पद्म विभूषण

साल 1993 में डी लिट कानपुर विश्वविद्यालय पुरस्कार

•साल 1994 में लोकमान्य तिलक पुरस्कार

साल 1994 में श्रेष्ठ सासंद पुरस्कार

साल 1914 में भारत रत्न पंडित गोविंद वल्लभ पंत पुरस्कार

साल 2015 में डी लिट मध्य प्रदेश भोज मुक्त विश्वविद्यालय पुरस्कार

साल 2015 में फ्रेंड्स ऑफ बांग्लादेश लि�

साल 2015 में भारत रत्न अवॉर्ड से सम्मानित किया गया था?

अटल बिहारी वाजपेयी निधन -Atal bihari vajpayee date of birth and death

atal bihari vajpayee age-अटल बिहारी वाजपेयी जी का निधन 93 साल की उम्र में हो गया था, जो कि एक लंबे समय से बीमार थे जिनके कारण उन्हें साल 2009 में स्ट्रोक का भी शिकार हो गए थे जिसके चलते उनके सोचने समझने की क्षमता पर असर पड़ा और ये धीरे धीरे डिमेंशिया नामक बीमारी से ग्रस्त हो गए थे |

atal bihari death date-अटल बिहारी वाजपेयी एक महान राजनेता एवं कवि थे जिन्होंने अपने जीवन की अंतिम सांस दिल्ली के एम्स में 16 अगस्त 2018 को ली थी, उनका इलाज कर रहे डॉक्टरों के मुताबिक इनका निधन निमोनिया और बहु अंग विफलता के कारण हुआ था

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